सोमवार को संसद में पेश होगा लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, कितना कड़ा होगा कानून?
25 July
नई दिल्ली
देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और परीक्षा धांधली पर केंद्र सरकार अब तक का सबसे बड़ा और सख्त कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह सोमवार, 27 जुलाई 2026 को लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेंगे। यह नया बिल पुराने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में बड़े और कड़े बदलाव करने के लिए लाया जा रहा है। नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए विवादों और राष्ट्रव्यापी चिंताओं के बाद सरकार ने यह सख्त रुख अपनाया है।
क्या हैं प्रस्तावित कानून की सात सात बड़ी बातें?
1 सजा में भारी बढ़ोतरी: साधारण पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर न्यूनतम सजा को तीन साल से बढ़ाकर पांच साल कर दिया गया है। दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 साल की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना होगा।
2 माफिया और सिंडिकेट पर कसेगा शिकंजा: गिरोह बनाकर संगठित रूप से पेपर लीक कराने वालों के लिए न्यूनतम सजा सात साल होगी, जिसे 10 साल तक बढ़ाया जा सकता है।
3 10 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना: संगठित परीक्षा माफिया पर 10 करोड़ रुपये तक के रिकॉर्ड जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
4 संपत्ति की जब्ती: धांधली में शामिल दोषी संस्थानों और माफियाओं की संपत्तियों को कुर्क और जब्त भी किया जा सकेगा।
5 दो महीने के भीतर जांच पूरी: पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच को 2 महीने की सख्त समय-सीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा।
6 तीन महीने में फैसला : मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी, जो चार्जशीट दाखिल होने के 3 महीने के भीतर रोज सुनवाई करके फैसला सुनाएंगी।
7 विशेष टास्क फोर्स का गठन: गंभीर और बड़े अपराधों की जांच के लिए केंद्र सरकार एक समर्पित विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन करेगी।
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