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बस्ती : ग्राम प्रधान राकेश कुमार पर निजी खाते में सरकारी धन भुगतान करने का लगा आरोप

बस्ती विकासखंड दुबौलिया के अंतर्गत ग्राम पंचायत लारा के ग्राम प्रधान राकेश कुमार पर गंभीर आरोप लगा है । ग्राम प्रधान पर निजी खाते में सरकारी भुगतान करने का आरोप लगा है और ग्राम प्रधान अपने निजी खाते में सरकारी धन का भुगतान कर सचिव और तकनीकी सहायक द्वारा आपस में बंदरबांट करने का भी आरोप लगा है । आपको बता दें कि दिनांक - 15-05-2026 को कोर्ट में भ्रष्टाचार की पत्रावली पेश हुई थी । शिकायक कर्ता की तरफ से आवेदन धारा 173 (4) बी०एन०एस०एस० प्रस्तुत करके कथन किया गया था कि ग्राम प्रधान राकेश कुमार ग्राम पंचायत - रैय्यल ( लारा ) थाना दुबौलिया जनपद बस्ती का निवासी है। ग्राम प्रधान राकेश कुमार वर्मा पुत्र रामसंवारे ने मई 2021 में ग्राम प्रधान के पद पर निर्वाचित होकर शपथ ग्रहण कर कार्यभार ग्रहण किया। ग्राम प्रधान निर्वाचित होने के उपरान्त ग्राम प्रधान अपने परिवार के सदस्य व सगे सम्बन्धी को कोई लाभ नही दे रहे हैं। प्रधान के पद पर निर्वाचित होने के बाद से ही लगातार कई मदों से अपने स्वयं खाते में भुगतान प्राप्त कर रहे हैं।
ग्राम प्रधान राकेश कुमार ने बाउचर संख्या XVFC/2022-23/P/10 धनराशि मु० 6000/-रूपये, बाउचर संख्या XVFC/2022-23/P/6 धनराशि मु० 15575/-रूपये, बाउचर संख्या XVFC/2022-23/P/8 धनराशि मु० 16831/-रूपये, बाउचर संख्या XVFC/2022-24/P/5 धनराशि मु० 7550/-रूपये, बाउचर संख्या XVFC/2022-23/P/7 धनराशि मु० 14320/-रूपये का भुगतान प्राप्त किया है। जिसका साक्ष्य शिकायत कर्ता के पास मौजूद है । ग्राम प्रधान सचिव व ब्लाक के कर्मचारियों की मिली भगत से ग्राम प्रधान, सचिव ब्लाक कर्मचारियों ने जाबूझकर पंचायती राज नियमावली का उल्लंघन कर भुगतान प्राप्त करने का संज्ञेय अपराध कारित किया है। उपरोक्त घटना में जब शिकायतकर्ता ने विरोध किया था तो ग्राम प्रधान राकेश कुमार वर्मा ने शिकायत कर्ता को जान से मारने की धमकी दिया था । शिकायत कर्ता ने उक्त प्रकरण की शिकायत सम्बन्धित अधिकारियों से किया था लेकिन आज तक उक्त प्रकरण में जिम्मेदारों द्वारा कोई कार्यवाही नही की गयी है । उपरोक्त वर्णित कथन करते हुए थानाध्यक्ष दुबौलिया को आदेश देने एवं प्रकरण में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर उचित कार्यवाही किये जाने की याचना की भी मांग की गयी है। पत्रावली के सम्यक अवलोकनोपरान्त तथा माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्णय विधि व्यवस्था प्रियंका श्रीवास्तव बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य यू०पी० (2015) 6 एस०सी० सी० 287 में पारित आदेश दिनांकित 19-03-2015 के अनुपालन में तथा माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा निर्गत परिपत्र संख्या 7600/एडमिन' जी-॥ दिनांकित, इलाहाबाद 27-05-2015 में दिये गये दिशा निर्देश के अनुपालन में प्रकरण की प्रारम्भिक जांच खण्ड विकास अधिकारी दुबौलिया से कराया जाना न्यायोचित प्रतीत होता है। आदेश खण्ड विकास अधिकारी दुबौलिया को आदेशित किया जाता है कि प्रकरण उपरोक्त की विस्तृत जांच करके जांच आख्या दिनांक 20-06-2026 तक प्रस्तुत करें । इस प्रकार स्पष्ट है कि यदि बीडीओ दुबौलिया ने उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच की हो ग्राम प्रधान राकेश कुमार, सचिव विनय सिंह , तकनीकी सहायक व अन्य ब्लाक कर्मियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं ।

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