"UP पंचायत चुनाव कब कराए जाएंगे, डेट बताएं", HC ने राज्य निर्वाचन आयोग से सख्त लहजे में पूछा सवाल
04 June
लखनऊ
उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख़्ती दिखाई और वही कोर्ट ने चुनाव आयोग को साफ निर्देश दिया, कि वह अदालत को बताए कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव किस तारीख को कराए जाएंगे और इसके साथ ही हाईकोर्ट ने ग्राम प्रधानों का कार्यकाल छह महीने बढ़ाने के राज्य सरकार के फैसले पर भी सवाल पूछा है. राज्य निर्वाचन आयोग से पूछे गए सवाल के अलावा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को भी समर्पित अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट 10 जुलाई को पेश करने का निर्देश भी दिया है.
ओबीसी आरक्षण के बाद पंचायत चुनाव का रास्ता साफ
यूपी सरकार ने ओबीसी आयोग के गठन को मंजूरी दी है वही आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही ओबीसी आरक्षण तय किया जाएगा, इसके बाद पंचायत चुनाव का रास्ता साफ हो सकेगा. प्रदेश की पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो गया है, तो ऐसे में लग नहीं रहा है कि इस साल प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हो पाएंगा, क्योंकि सरकार ने जिस आयोग का गठन किया है उसका कार्यकाल ही छह महीने का है. प्रदेश में पंचायत चुनाव अब अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद ही सम्भवता हो पाएंगे.
हाई कोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी
उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों के संगठन पिछले काफी समय से समय पर चुनाव कराने की मांग कर रहे थे और उसे लेकर वो लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे थे और सरकार को ज्ञापन भेज रहे थे वही अप्रैल के अंतिम हफ्ते में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया था. अदालत ने पंचायत चुनाव के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग के गठन की समय सीमा पर सफाई मांगी थी. अगली सुनवाई से ठीक एक दिन पहले समर्पित ओबीसी आयोग के गठन को मंजूरी दे दी गई. आयोग की सिफारिशों के आधार पर ओबीसी आरक्षण दिया जाएगा, इसकी प्रक्रिया में भी समय लगेगा इसके बाद ग्राम प्रधानों, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्यों का आरक्षण तय किया जायेगा.
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