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सुलतानपुर : एसपी ने लापरवाही पर इंस्पेक्टर सहित तीन को किया निलंबित,एसपी ने शुरू कराई विभागीय जांच

सुलतानपुर गोसाईगंज के राजापुर देनवा तालाब के पास रविवार रात गोवंश की हत्या के मामले गिरफ्तार आठ आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर सोमवार को एसीजेएम कोर्ट में पेश किया था। रिमांड पर सुनवाई के दौरान विवेचक कोर्ट के सवालों का जवाब देने में असफल रहें। नतीजतन कोर्ट ने पुलिस की कमजोर लिखा पढ़ी की वजह से आरोपियो का रिमांड स्वीकार करने से मना कर दिया और विवेचक की अर्जी खारिज दिया। अदालत ने सभी आरोपियो को 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया और कोर्ट के आदेश की प्रति एसपी को भेजने का भी आदेश दिया। पुलिस की लापरवाही की वजह से आरोपियों के रिहा होने के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए एसपी चारू निगम ने मंगलवार को इंस्पेक्टर राम आशीष उपाध्याय, उप निरीक्षक अनिल कुमार यादव व हेडकांस्टेबल राघवेंद्र प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है।
जयसिंहपुर थाने सेमरी बाजार के रहने वाले विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी व बजरंग दल के जिला सह संयोजक यशदीप ठठेर ने गत 29 मार्च की रात 11 बजे की घटना बताते हुए गोसाईगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया। मामले में वादी ने पांच नामजद व कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ गोवंश की हत्या का आरोप लगाया। वादी के मुताबिक रविवार रात गोसाईंगंज के राजापुर देनवा तालाब के पास से गोवंश के अवशेष, उपकरण, एक कार व एक पिकअप वाहन मिले थे।मामले में देनवा निवासी मोहम्मद नफीस, राजापुर निवासी मो. तौसीफ, कस्बा गोसाईगंज निवासी मो. अशरफ, अब्दुल मन्नान, मो. तौसीफ, मो. अकरम व नसीब अहमद व जौनपुर जिले के खुटहन, धम्मौर निवासी नियाज अहमद को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को सोमवार को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था। फिलहाल पुलिस के जरिए गिरफ्तारी के नियमो का पालन नहीं करने एवं कमजोर पैरवी की वजह से कोर्ट ने आरोपियों को रिहा करने का आदेश दे दिया। इसके बाद हिंदूवादी संगठन ने पूरे मामले से एसपी को अवगत कराया,जिन्होंने मामले की जांच कराई। आरोप सही पाए जाने पर इंस्पेक्टर राम आशीष उपाध्याय, उप निरीक्षक अनिल यादव व हेड कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने पदीय कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही,विवेचनात्मक त्रुटि एवं आरोपियों से संलिप्तता के आरोप में तीनों पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरूद्व विभागीय जांच शुरू करा दिया है। गो तस्करी में लिप्त लोगों की अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने के आरोप में इंस्पेक्टर राम आशीष उपाध्याय को कीमत चुकानी पड़ी है। पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने सोमवार को उन्हें बल्दीराय थाने का प्रभार सौंपा था, लेकिन बल्दीराय थाने में आमद के पहले ही मंगलवार को उन्हें निलंबित कर दिया गया। पहले भी निलंबित हो चुके हैं इंस्पेक्टर इंस्पेक्टर राम आशीष उपाध्याय को पहले भी एक बार निलंबित किया जा चुका है। कोतवाली नगर में तैनाती के दौरान तत्कालीन एसपी ने उन्हें दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया था,दोबारा उन पर लापरवाही की गाज गिरी है।

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