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लखनऊ में कूटरचित दस्तावेजों से भूमि धोखाधड़ी का खुलासा, फरार आरोपी विमल गिरि गिरफ्तार...

लखनऊ मोहनलालगंज पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए भूमि धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है, पुलिस टीम को बीते शनिवार को सूचना मिली हुई कि नामजद आरोपी विमल गिरि गिरी मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के मऊ तिराहे में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शाम को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है, जबकि प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध साक्ष्य संकलन की कार्यवाही जारी है।पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता सैयद फरहान हुसैन, निवासी ऐशबाग, लखनऊ ने बीते 10 अक्टूबर को मोहनलालगंज थाने में तहरीर दी थी।
वही शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने पिता स्व. मोहम्मद अयूब की मृत्यु के पश्चात घुसकर, परगना व तहसील मोहनलालगंज स्थित पैतृक भूमि का वैध उत्तराधिकारी है।शिकायत के अनुसार जब शिकायतकर्ता बीते 20 अगस्त को तहसील मोहनलालगंज में वरासत दर्ज कराने पहुंचा, तो उसे ज्ञात हुआ कि कुछ व्यक्तियों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र रचकर कूटरचित दस्तावेजों व फर्जी हस्ताक्षरों के माध्यम से भूमि का बैनामा अपने पक्ष में करा लिया गया है।जांच के दौरान सामने आया कि अभियुक्त विमल गिरि ने पैसों के लालच में आकर मोहनलालगंज तहसील में फर्जी गवाह बनते हुए बयान दिया था। उसने अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर मृत व्यक्तियों के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर भूमि का अवैध बैनामा कराने में भूमिका निभाई।इस प्रकरण में विवेचना के दौरान आरोपी रमेश कुमार गिरि, अमन एवं खुशीराम के नाम प्रकाश में आए थे, जिन्हें पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। इसके अतिरिक्त फर्जी गवाह बनी महिला भगवान देई चौहान को भी बीते शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जबकि अभियुक्त विमल गिरि लंबे समय से फरार चल रहा था। इंस्पेक्टर बृजेश त्रिपाठी ने बताया है कि मामले की विवेचना गहनता से की जा रही है और भूमि धोखाधड़ी में शामिल अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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